#करवा चौथ 2018 पर १०० वर्ष बाद बन रहा है ये महासंयोग, ये ३ काम करेंगे तो..| karwachaut par ban raha hai ye sanyog

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करवा चौथ 2018 पर १०० वर्ष बाद बन रहा है ये महासंयोग, ये ३ काम करेंगे तो.. 
 
architecture, building, castle#करवा चौथ 2018 का फेस्टिवल हिंदू रीति रिवाजों में बेहद खास त्यौहार माना जाता है। ये सभी जानते हैं कि करवा चौथ का व्रत महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र की कामना के लिए रखती हैं। करवा चौथ का व्रत कार्तिक हिन्दू माह में कृष्ण पक्ष की चतुर्थी पर किया जाता है।
लम्बी उम्र की कामना 
इस बार 28 अक्टूबर को मनाया जायेगा करवाचौथ,जैसे जैसे वक़्त बदला  है वैसे वैसे नियम भी बदलने लगे हैं अब पति भी अपनी पत्नी के लिए करवाचौथ कर व्रत करने लगे हैं । पति भी अपनी पत्नी की लंबी आयु की कामना करते हैं। और करवा चौथ पर शिव पार्वती, कार्तिकेय, गणेश तथा चंद्रमा की पूजा की जाती है।
करवा चौथ व्रत की पूजन विधि – व्रत कैसे करें 
इस व्रत में महिलाएं सुबह से ही निर्जला व्रत रखती हैं और रात में चाँद को देख कर और चंद्रमा को अर्घ्य देकर ही अपना व्रत खोलती हैं। इस बाद पंडितों की मानें तो करवाचौथ में महासंयोग बन रहा है। इस महासंयोग में आप अपने पति और पत्नी दोनों की लंबी उम्र के लिए कुछ उपाय भी कर सकती है। बदलते वक़्त में दोनों ही लोग इन उपायों को करके लाभ ले सकते हैं |
Woman Holding Moon Lamp
1. पति-पत्नी के बीच प्रेम संबंध को उन्नत करना चाहते हैं तो करवा चौथ के दिन पत्नियाँ गणेश जी को गुड़ का भोग लगायें, इससे दोनों के जीवन में मिठास घुल जाएगी।
2. अगर दोनों के बीच झगड़ा या मनमुटाव होता रहता है तो इससे बचने के लिए करवाचौथ के दिन झाडू की दो सींकों को उलटा और सीधा क्रम में रखें और अब इन्हें नीले धागे से बांधकर घर के दक्षिण-पश्चिम दिशा में रख दें। ऐसा करने से वैवाहिक जीवन में सुधार आएगा।
3. अगर आप हमेशा अपने पति का प्यार चाहती हैं और ये भी चाहती हैं कि वो आपको धोखा न दें तो करवाचौथ के दिन एक लाल कागज पर सुनहरे पेन से अपने पति का नाम लिखें और फिर उसे एक लाल कपड़े में दो गोमती चक्र और 50 ग्राम पीली सरसों के साथ रख लें इसके बाद पोटली को छिपाकर रख दें. बाद में उसे एक साल बाद नदी में बहा दें. ऐसा करने से आपकी हर बात मानी जाएगी |
 
पति ज़रूर करें ये 3 काम
मन लगा कर सुनें कथा
करवा चौथ की पूजा का जितना महत्व है उतना ही करवा चौथ की कथा का भी है। कथा में भगवान गणेशजी के वरदान की कहानी है जिसे सुनने से भाग्य जागता है। इसलिए करवाचौथ के दिन हर पति को इस कथा को ध्यान से सुनना चाहिए।
वायदे ज़रूर निभाएं 
पति-पत्नी का जन्म-जन्मांतर का अटूट प्रेम बंधन तभी जीवंत रह सकता है जबकि आपने सच्चे वायदे पूरे करने की कसम खाई हो व उसे साकार रूप प्रदान किया हो। जीवनसाथी से धोखा करना सरासर बेईमानी है, जिससे आपसी विश्वास को ठेस पहुंचती है। इन सारे संकल्पों को आत्मसात कर लें। याद रखिए करवा चौथ का असली महत्व तभी सार्थक होगा, जब आप दोनों निश्चिंत होकर एक-दूसरे के सहयोग से अपनी दुनिया सजाएंगे
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