कुछ पुरानी, यादों से

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कुछ पुरानी, यादों से, मुलाक़ात हुई
नम थी आँखें, पर दिल से  (दिल की) बात हुई

हर शै, याद तेरी ले आती ,
(इस) मेरे दिल को है तड़पाती,
हर आलम, महका लगता है, क्या उल्फ़त की शुरुआत हुई !!! ooo hoo hoo aaa ahhnn ahmmm

फिर एक दर्द उठता है उभर,
जैसे हो ख़ुशबू का सफ़र
तू (ऐसे) सिमट आ बाँहों में, जैसे ख्वाबों में मुलाक़ात हुई !!! ooo hoo hoo aaa ahhnn ahmmm

बरसों मेरे ख्वाबों में,
तू रहा रौशनी बनकर
नींद कहाँ अब आँखों में, हर लम्हा मेरी खुद से ही बात हुई !!!!! ooo hoo hoo aaa ahhnn ahmmm

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