बस एक सुरभित तमन्ना है, इसे आज़ाद रहने दो, tamnna hai azad rahne do !

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ना चाहत बादलों की, न है ख्वाहिश चाँद तारों की 
बस एक सुरभित तमन्ना है, इसे आज़ाद रहने दो !!

cloudiness, clouds, cloudy
शम्मा की तरह, जब तू पिघलती है,

मैं परवाने सा जलता हूँ

तुझे पाने के लिए, न जाने कौन से रास्तों पे चलता हूँ

बस एक सुरभित तमन्ना है, इसे आज़ाद रहने दो !!!

मेरी मोहब्बत को, दिल से लगा कर,

सुनो तुम चली आना थाम के बाँह,

शरारत भरी आँखों से ज़रा ज़रा तुम मुस्कुराना

बस एक सुरभित तमन्ना है, इसे आज़ाद रहने दो !!!

तुम चली आना, जब धूप सर्दी की, गुलाबी – गुलाबी सी हो जाये

छू ले फिर, जैसे बदन की एक महक तेरी, उस बंद कमरे से आये

बस एक सुरभित तमन्ना है, इसे आज़ाद रहने दो !!!

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