ये जुगनूं सी यादें, घनघोर अँधेरा है | Jugnu si yaaden hai ghanghor andhera hai

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ये जुगनूं सी यादें, घनघोर अँधेरा है
तेरी बाँहों के घेरे में, संदल का बसेरा है …




Splash of Waterएक तेरी याद दिल में, तू मचलती है लहर सी !

लगा फिर दिल पे, क्यूँ तेरी बातों का पहरा है !!!

तेरी बाँहों के घेरे में, संदल का बसेरा है  ….

एक नूर तेरे रुख़ पे, तू संभलती है फ़लक सी

(फ़िदा ) फ़रेबी हो रहा ये दिल, बड़ा ये राज़ गहरा है !!!

तेरी बाँहों के घेरे में, संदल का बसेरा है  ….

हर पल मेरे मन में, तू बिखरती है धनक सी

(जाना) जहाँ इस दर्द के सहरा में, (कभी ) कोई न ठहरा है

तेरी बाँहों के घेरे में, संदल का बसेरा है  ….

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