ये हैं दुनिया के साथ अजूबे – जो आपको कर देंगे हैरान

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ये हैं दुनिया के साथ अजूबे – जो आपको कर देंगे हैरान

 

चिचेन इत्जा

मेक्सिको में शहर के बीचोबीच कुकुलकन का 79 फीट उंचा मंदिर है इस मन्दिर के चारो दिशाओ मे 91 सीढिया है और हर एक सीढी साल के एक दिन का प्रतीक है मन्दिर के सबसे उपर का चबूतरा 365वा दिन है|इस इमारत को चिचेन इत्ज़ा के नाम से जाना जाता है |

क्राइस्ट द रिडीमर

दोस्तों यह दुनिया का दूसरा अजूबा है | ईसा मसीह की सबसे बड़ी व दुनियां की दूसरी सबसे बड़ी मूर्ति है | 130 फ़ीट लम्बी इस मूर्ति का वजन 700 टन है | ईसा मसीह की इस मूर्ति को क्राइस्ट द रिडीमर के नाम से जानते है | दुनियां की दूसरी सबसे बड़ी यह मूर्ति ब्राजील के रिओ-डि-जनेरो के कार्कोवेदो पहाड़ की चोटी पर बना हुआ है | इस खूबसूरत और नायाब आकृति का निर्माण कंक्रीट और पत्थरों से साल 1922 से 1931 के बीच हुआ था | रात के समय में इसका नज़ारा देखने में बहुत ही आकृषक और खूबसूरत लगता है |

कॉलोसियम

कॉलोसियम इटली देश के रोम नगर के मध्य निर्मित रोमन साम्राज्य का सबसे विशाल एलिप्टिकल एंफ़ीथियेटर है | यह रोमन स्थापत्य और अभियांत्रिकी का सर्वोत्कृष्ट नमूना माना जाता है | यह काफी बड़ा खेल का स्टेडियम है जिसमे 50000 दर्शको के बैठने की क्षमता है जो उस समय कोई साधारण बात नहीं थी | दुनियां के 7 अजूबो में शामिल इस ईमारत को यूनेस्को विश्व विरासत में शामिल किया गया है | इस स्टेडियम में जंगली जानवरो और गुलामो की लड़ाइयों को देखने के लिए भरी संख्या में लोग यहाँ पर आते है |

ग्रेट वाल ऑफ़ चीन

चीन की विशाल दीवार मिट्टी और पत्थर से बनी एक किलेनुमा दीवार है जिसे चीन के विभिन्न शासको के द्वारा उत्तरी हमलावरों से रक्षा के लिए पाँचवीं शताब्दी ईसा पूर्व से लेकर सोलहवी शताब्दी तक बनवाया गया। इसकी विशालता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है की इस मानव निर्मित ढांचे को अन्तरिक्ष से भी देखा जा सकता है | इस दीवार की लम्बाई लगभग 6400 किलोमीटर और 35 फ़ीट इस दीवार की ऊंचाई है | इस दीवार को 5 वीं शताब्दी में बनाने का काम शुरू हुआ था, और 16 शताब्दी में बनाकर तैयार कर दिया था |

माचू पिच्चू

माचू पिच्चू को भी दुनियां के 7 अजूबो में गिना जाता है | माचू पिच्चू दक्षिण अमेरिकी देश पेरू मे स्थित एक कोलम्बस-पूर्व युग, इंका सभ्यता से संबंधित ऐतिहासिक स्थल है | यह जगह समुद्र तल से 2,430 मीटर की ऊँचाई पर उरुबाम्बा घाटी में स्थित है | इसी घाटी में उरुबाम्बा नदी बहती है | यह कुज़्को से 80 किलोमीटर उत्तर पश्चिम में स्थित है | इसे अक्सर “इंकाओं का खोया शहर “ भी कहा जाता है | माचू पिच्चू इंका साम्राज्य के सबसे परिचित प्रतीकों में से एक है |

पेट्रा

पेट्रा एक ऐतिहासिक शहर है यहां की इमारते बेमिसाल है जो लाल बलुआ पत्थरो से बनी हुइ हैं और सब पर बेहतरीन नक्काशी की गई है जो इन्हे और भी खास बनाती है। इसमें138 फुट ऊंचा मंदिर, नहरें, पानी के तालाब तथा खुला स्टेडियम है। ‘पेट्रा’ जॉर्डन के लिए विशेष महत्व रखता है।पेट्रा अपनी विचित्र कलाओ के लिये जाना जाता है। यह संरचन भी दुनियां के नए अजूबो में गिनी जाती है |

ताजमहल

ताजमहल भारत के आगरा शहर में स्थित एक विश्व धरोहर मक़बरा है। इसका निर्माण मुग़ल सम्राट शाहजहाँ ने, अपनी पत्नी मुमताज़ महल की याद में करवाया था | ताजमहल मुग़ल वास्तुकला का उत्कृष्ट नमूना है। इसकी वास्तु शैली फ़ारसी, तुर्क, भारतीय और इस्लामी वास्तुकला के घटकों का अनोखा सम्मिलन है। सन् १९८३ में, ताजमहल युनेस्को विश्व धरोहर स्थल बना।

 

 

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