रिमझिम बरसती ये बूंदे…

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रिमझिम बरसती ये बूंदे, बादल के रथ पे सोती हैं
नरम मुलायम खुशबू से, सपने नए संजोती है

बहार बनके तू बिखर गयी
प्यार तू बनके सँवर गयी
मन चली एक तमन्ना सी
गुलाब सी तरह निखर गयी

रिमझिम बरसती ये बूंदे, बादल के रथ पे सोती हैं
नरम मुलायम खुशबू से, सपने नए संजोती है

प्यास एक लबो पे उठती है
हलकी सी खलिश सी पलती है
मंज़िल भी है, राह भी तू
शामो शहर मुझसे में रहती है

रिमझिम बरसती ये बूंदे, बादल के रथ पे सोती हैं
नरम मुलायम खुशबू से, सपने नए संजोती है

चाह प्रेम की बगिया में जीवन के गुल बोती है
कविता तो कविता है मन की शैया पे सोती है

रिमझिम बरसती ये बूंदे, बादल के रथ पे सोती हैं
नरम मुलायम खुशबू से, सपने नए संजोती है

#Voice _ Dev negi
Lyrics – Surabhi saxena
Music :- Surendra Singh

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